04 Apr 2020, 14:34 HRS IST
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  • अन्ना,बेदी,केजरीवाल आंदोलन के नायक नहीं: विश्वास
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    वैभव महेश्वरी :


    नयी दिल्ली, 23 जनवरी :भाषा: जनलोकपाल के मुद्दे पर चले आंदोलन में अन्ना हजारे की टीम का प्रमुख हिस्सा रहे और आम आदमी पार्टी :आप: नेता कुमार विश्वास ने आज कहा कि आंदोलन जनता का था और अन्ना, किरण बेदी या अरंविद केजरीवाल किसी को यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि वे आंदोलन का चेहरा थे।
    विश्वास ने कहा, ‘‘हमारा आंदोलन जनता का आंदोलन था। तात्कालिक रूप से उसका चेहरा अन्ना थे और हम सब उसमें रणनीतिकार के रूप में शामिल थे। बाद में अन्ना ने दर्शाया कि वह आंदोलन में नहीं रहना चाहते।’’ उन्होंने पीटीआई-भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा, ‘‘ना अन्ना हजारे को भ्रम होना चाहिए, ना किरण बेदी को और ना अरविंद केजरीवाल को भ्रम होना चाहिए कि वे इस आंदोलन के नायक रहे हैं। आज भी वह आंदोलन आम आदमी पार्टी के रूप में चल रहा है।’’ उन्होंने संसद में पारित लोकपाल कानून के ‘लुंजपुंज’ होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उस पर अन्ना को सहमत कराने में जनरल वीके सिंह और किरण बेदी की भूमिका रही। जबकि अभी तक लोकपाल बना भी नहीं है।
    विश्वास ने कहा कि टीम अन्ना में उनकी साथी रहीं और अब भाजपा की ओर से दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी खुद के उठाये तीन मुद्दों को पूरा करा दें तो वह उनके लिए अपनी पार्टी के खिलाफ प्रचार तक करने को तैयार हैं।
    उन्होंने कहा, ‘‘किरण बेदी ने भाजपा में शामिल होने से पहले जो तीन मुद्दे उठाये थे, उन्हें आज ही पूरा करा दें तो मैं उनकी सीट कृष्णा नगर से उनके लिए प्रचार करने को तैयार हूं।’’ कवि और आप नेता ने कहा, ‘‘उन्होंने :बेदी ने: कहा था कि सीबीआई स्वतंत्र होनी चाहिए। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी बातचीत है। पहला काम सीबीआई को एक अध्यादेश के जरिये स्वायत्त करा दें। इसके लिए संसद की भी जरूरत नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि किरण बेदी पार्टियों के बिना ऑडिट वाले खातों रिपीट बिना ऑडिट वाले खातों को सार्वजनिक करने की पक्षधर थीं। विश्वास ने कहा, ‘‘वह भाजपा के ऐसे बिना ऑडिट वाले धन को शहीद विधवा कल्याण कोष में जमा करा दें।’’ आप नेता ने कहा कि बेदी हत्या, बलात्कार जैसे गंभीर अपराध के ऐसे आरोपियों के संसद तथा विधानसभा में नहीं जाने की बात करती थीं जिन पर अदालत में मुकदमे चल रहे हों, आज वह इस मांग को ध्यान में रखते हुए अपनी पार्टी :भाजपा: में इसे पूरा करा दें तो ‘‘मैं कल ही उनके लिए प्रचार करंगा।’’ पिछले कुछ दिन से ही आप पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार शुरू करने वाले विश्वास से जब दिल्ली विधानसभा चुनाव में अभी तक आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ सार्वजनिक तौर पर नहीं दिखाई देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘अरविंद के क्षेत्र में मेरी दो सभाएं प्रस्तावित हैं। उनके साथ कई संयुक्त सभाएं भी करंगा।’’ उन्होंने कहा कि कवि सम्मेलनों में व्यस्त रहने की वजह से पार्टी में कुछ दिन तक सक्रिय नहीं थे लेकिन अब चुनाव में पार्टी जो भी काम सौंप रही है, कर रहा हूं।
    आप पार्टी अब चुनाव प्रचार में जनलोकपाल के अपने मूल विषय पर अधिक बात नहीं कर रही, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘लोकपाल अब भी प्राथमिक है और हमारे घोषणापत्र में शीर्ष पर है।’’ उन्होंने कहा यदि दिल्ली विधानसभा में पूर्ण बहुमत के साथ उनकी सरकार बनती है तो अगले सत्र में पहला प्रस्ताव जनलोकपाल का ही होगा।
    आम आदमी पार्टी की स्थापना में भूमिका निभाने वाले शांति भूषण द्वारा किरण बेदी की प्रशंसा के एक दिन बाद विश्वास ने कहा कि भूषण पार्टी के सदस्य नहीं हैं लेकिन उससे सहानुभूति रखते हैं और उन्हें अपनी निजी राय रखने का अधिकार है।
    केजरीवाल को आप पार्टी के संयोजक पद से हटने की भूषण की सलाह देने संबंधी खबरों पर विश्वास ने कहा, ‘‘हमारी पार्टी के विधान में है कि तीन साल बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी संयोजक तय करेगी। इस समय इस सवाल को उठाने का औचित्य नहीं है। तीन साल के कार्यकाल के बाद किसी भी व्यक्ति का संयोजक बनने का मन करे तो प्रस्ताव दे सकता है।’’ 

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