22 Feb 2020, 04:5 HRS IST
  • एजीआर बकाया भुगतान संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय ने अपनाया कड़ा रुख
    एजीआर बकाया भुगतान संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय ने अपनाया कड़ा रुख
    एनआरसी व एनपीआर- कांग्रेस व भाजपा ने एक दूसरे पर साधा निशाना
    एनआरसी व एनपीआर- कांग्रेस व भाजपा ने एक दूसरे पर साधा निशाना
    'आरएसएस के प्रधानमंत्री' भारत माता से झूठ बोलते हैं- राहुल फोटो पीटीआई
    'आरएसएस के प्रधानमंत्री' भारत माता से झूठ बोलते हैं- राहुल फोटो पीटीआई
    दिल्ली के किराड़ी में आग लगने से नौ लोगों की मौत
    दिल्ली के किराड़ी में आग लगने से नौ लोगों की मौत
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम मुलाकात
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
    • मुलाकात
    • रेटिंग   Rating Rating Rating Rating Rating
  •  
  • तुषार गांधी के बयान से भगत सिंह के पौत्र खफा
  • [ - ] आकार [ + ]
  • .

    नेत्रपाल शर्मा :



    नयी दिल्ली, 14 मई :भाषा: शहीद ए आजम भगत सिंह के पौत्र यादविंदर सिंह ने महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी के उस बयान पर नाराजगी जताई है जिसमें उन्होंने भगत सिंह को कथित तौर पर अंग्रेजी हुकूमत का गुनहगार कहा था। उन्होंने कहा कि तुषार का बयान दुर्भाग्यूपर्ण और निन्दनीय है।
    यादविंदर ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में तुषार के बयान को देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला करार दिया और कहा कि उन्हें भगत सिंह पर निन्दनीय टिप्पणी करने से पहले सोचना चाहिए था कि इससे देश में क्या संदेश जाएगा।
    तुषार ने हाल में कथित तौर पर कहा था कि भगत सिंह को महात्मा गांधी अंग्रेजी हुकूमत का गुनहगार मानते थे और इसीलिए उन्होंने ब्रिटिश शासन से भगत सिंह की सजा खत्म करने की सिफारिश नहीं की।हालांकि उन्होंने सजा कम करने की सिफारिश जरूर की थी।
    भगत सिंह के पौत्र :शहीद ए आजम के दिवंगत भतीजे बाबर सिंह के पुत्र: यादविंदर ने कहा कि महात्मा गांधी के प्रपौत्र का बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निन्दनीय है ।उन्होंने कहा कि तुषार स्पष्ट करें कि क्या महात्मा गांधी क्रांति के मार्ग पर चलने वाले सभी देशभक्तों को अंग्रेजी हुकूमत का गुनहगार मानते थे।
    यादविंदर ने कहा कि तुषार का बयान उन लाखों भारतीयों की शहादत का अपमान है जिन्होंने आजादी के संघर्ष में अपनी जान कुर्बान कर दी।
    तुषार ने यह भी कहा था कि भगत सिंह शहीद होना चाहते थे, ताकि देश के अधिक से अधिक युवाओं तक संदेश जा सके । लेकिन उनकी शहादत का उतना असर नहीं हुआ जितना वह चाहते थे।उस समय उनके अनुयायियों ने ही उनकी सोच को भुला दिया।संपादकीय सहयोग-अतनु दास

रेट दें
Submit
  • इस मुलाकात पर अपनी राय दें
  • अन्य मुलाकात
  •     
add