28 Nov 2020, 19:41 HRS IST
  • केरल:सबरीमला में कई लोग कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आए
    केरल:सबरीमला में कई लोग कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आए
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल श्रीलंका पहुंचे
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल श्रीलंका पहुंचे
    पुडुचेरी के निकट पहुंचा ‘निवार’
    पुडुचेरी के निकट पहुंचा ‘निवार’
    बहुत जल्दी छोड़कर चले गए माराडोना
    बहुत जल्दी छोड़कर चले गए माराडोना
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम मुलाकात
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
    • मुलाकात
    • रेटिंग   Rating Rating Rating Rating Rating
  •  
  • भारतीय युवक वैश्विक अभियान पर निकल रहे हैं अंटार्कटिका
  • [ - ] आकार [ + ]
  •                                          : कुणाल दत्त : 

    नयी दिल्ली, 26 फरवरी :भाषा: मानव के रहने योग्य एकमात्र ग्रह को बचाने का संदेश फैलाने के लक्ष्य के साथ कुछ भारतीयों समेत युवकों का एक समूह वैश्विक अभियान पर अंटार्कटिका निकल रहा है। इसका नेतृत्व ध्रुवीय अन्वेषक और पर्यावरणविद रॉबर्ट स्वान कर रहे हैं।इस दल में पांच भारतीय हैं।इसमें पुणे के एक प्राथमिक शिक्षक और चंडीगढ़ का एक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ भी है।वे अर्जेंटीना के यूसूइआ में 28 फरवरी को मुख्य दल के साथ होंगे। इसके बाद तीन मार्च को अंटार्कटिका के लिए रवाना होंगे।ब्रिटिश अन्वेषक स्वान के नेतृत्व में चलने वाले दो सप्ताह लंबे इंटरनेशनल अंटार्कटिक अभियान :आईएई: 2013 में दुनिया भर से 30-40 प्रतिभागी शामिल होंगे। वे अपने ऐतिहासिक दक्षिणी पड़ाव के लिये‘सी स्पिरिट’ जहाज पर मुख्य चालक दल ‘2041’ से मिलेंगे।पुणे में तीसरी कक्षा के बच्चों को पढ़ाने वाले 23 वर्षीय अनुराग मालू के लिए अंटार्कटिका जाना एक सपने जैसा है।मालू ने कहा, ‘‘अभियान के लिए धन जुटाने से लेकर अब बर्फ से ढंके अंटार्कटिका के बारे में अनुमान लगाने तक अभियान से जुडे रहने से मेरा आत्मविश्वास बढा है और पर्यावरण संपोषण के संबंध में मेरे विचारों के बारे में मेरे विश्वास की फिर से पुष्टि की है जिसे मैं अपनी कक्षाओं में पढ़ाता हूं।’’ कुछ साल पहले एक कार्यक्रम के राबर्ट स्वान से मिले मालू ने कहा कि हम किस पृष्ठभूमि से आते हैं, हमारी पृष्ठभूमि क्या है, यह सब मायने नहीं रखता।सिर्फ यह मायने रखता है कि हम इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले एक इंसान हैं और हमारे अंदर एक जिम्मेदारी का एहसास है और हम जानते हैं कि हमें क्या करना है।हम समस्या का समाधान करने या उसे इसी जीवन में हल करने में विश्वास करते हैं न कि उसे अगली पीढी के लिये छोड जाने में।चंडीगढ की एक निजी फर्म में प्रौद्योगिकी विश्लेषक सोनल असगोत्रा इस अभियान के लिये चुने जाने पर अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि वह इससे बहुत ही रोमांचित हैं। उन्हें ऐसे स्थान देखने का मौका मिलेगा जो उन्होंने अब तक केवल नक्शे में ही देखे थे।उन्होंने कहा कि वहां से लौट कर हम एक नयी निजी डायरी बनाना चाहेंगे और अंटार्कटिका के अध्ययन के लिये एक नया शैक्षणिक तरीका खासकर उसके पर्यावरण से जुडे अध्ययन को नयी दिशा देना चाहेंगे।सोनल और अनुराग इस अभियान दल के अन्य सदस्यों से यूसूइआ में 28 फरवरी को मिलेंगे जहां राबर्ट स्वान और दल के अन्य सदस्य उनका स्वागत करेंगे। वहां उन्हें इस कठिन अभियान की चुनौतियों का सामना करने के लिये तैयार करने के इरादे से दो दिन का आधिकारिक प्रशिक्षण दिया जायेगा।यह अभियान 13 मार्च को समाप्त होगा।दिलीप पाठक द्वारा अनुवादित। संपादकीय सहयोग-अतनु दास 

रेट दें
Submit
  • इस मुलाकात पर अपनी राय दें
  • अन्य मुलाकात
  •     
add