19 Feb 2018, 05:57 HRS IST
  • भाजपा के रग-रग में है लोकतंत्र - मोदी (पीटीआई फोटो)
    भाजपा के रग-रग में है लोकतंत्र - मोदी (पीटीआई फोटो)
    चेन्नई:इंडियन ओपन टेनिस में शिरक्त करते युकी भांबरी
    चेन्नई:इंडियन ओपन टेनिस में शिरक्त करते युकी भांबरी
    शिमला में वेलेनटाइन डे का जश्न का दृश्य
    शिमला में वेलेनटाइन डे का जश्न का दृश्य
    भुवनेश्वर में महाशिवरात्रि महोत्सव का नजारा
    भुवनेश्वर में महाशिवरात्रि महोत्सव का नजारा
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • भारत आकषर्क देश लेकिन समय चुनौतीपूर्ण: आचार्य

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 16:9 HRS IST

न्यूयार्क, 10 जनवरी :भाषा: रिजर्व बैंक के नवनियुक्त डिप्टी गवर्नर और प्रख्यात अर्थशास्त्री विरल आचार्य ने कहा है कि दुनिया में तीव्र गति से आर्थिक वृद्धि हासिल करने वाला भारत एक आकषर्क देश है लेकिन समय चुनौतीपूर्ण है और उसके पास आर्थिक महाशक्ति बनने की पूरी क्षमता है।

42 वषीर्य आचार्य ने कहा कि वह रिजर्व बैंक में नीतियों में योगदान के जरिये भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद के अवसर को लेकर उत्साहित है। आरबीआई देश में स्थिर वृद्धि को सुनिश्चित कर सकता है।

आचार्य 20 जनवरी को पदभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिये की गयी है। वह मौद्रिक नीति तथा शोध मामलों को देखेंगे। वह उर्जिट पटेल का स्थान लेंगे जिन्हें रिजर्व बैंक का गवर्नर बनाया गया है।

न्यूयार्क विश्वविद्यालय के स्टर्न स्कूल आफ बिजनेस में वित्त विभाग में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर आचार्य ने कहा कि भारत एक आकषर्क देश है लेकिन समय चुनौतीपूर्ण है और दुनिया की तीव्र वृद्धि हासिल करने वाले देशों में एक होने के नाते उसके पास आर्थिक महाशक्ति बनने की पूरी क्षमता है।

विश्वविद्यालय के स्टर्न स्कूल की तरफ से जारी बयान के अनुसार, ‘‘मैं रिजर्व बैंक में नीतियों में योगदान के जरिये भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद के अवसर को लेकर उत्साहित हूं। आरबीआई देश में स्थिर वृद्धि को सुनिश्चित कर सकता है और साथ ही वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार हो सकता है।’’ अपनी नई भूमिका में आचार्य मौद्रिक नीति, विदेशी विनिमय तथा बाजार परिचालन के साथ-साथ शोध एवं सांख्यिकी को देखेंगे।

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की तरह आचार्य शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आते हैं और उन्होंने राजन के साथ मिलकर कम-से-कम तीन शोध पत्र लिखे हैं।

आचार्य ने हमेशा राजन के कामकाज की सराहना की और एक बार यह भी कहा था, ‘‘रघु मेरे लिये प्रेरणा के स्रोत हैं।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।