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  • हिन्दुस्तान की पहचान है हिन्दी : सोलंकी

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 20:31 HRS IST

नयी दिल्ली, 10 जनवरी :भाषा: हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने आज यहां कहा कि राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रभाषा किसी भी राष्ट्र की पहचान होते है। यह सब राष्ट्र का मानदंड होते हंै।

सोलंकी ने आज ‘विश्व हिन्दी दिवस’ पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हिन्दुस्तान की पहचान हिन्दी है, इसके बिना हम भारत देश को नहीं जान सकते। हिन्दी और हिन्दुस्तान दोनों ही आपस में पर्यायवाची है। अगर आपको हिंदुस्तान को जानना है तो हिन्दी को जानिए।’’ उन्होंने कहा कि जिस तरह से राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र गान के बिना राष्ट्र अपंग होता है उसी प्रकार बिना राष्ट्रभाषा के भी कोई राष्ट्र अपूर्ण होता है।

उन्होंने देश में राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ आर्थिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता लाने की बात कही और कहा कि इन सारी स्वतंत्रताओं के साथ ही हम अपने देश को समृद्ध बना सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने कभी भी किसी के उपर कुछ नहीं थोपा, भारत एक सहिष्णु देश है। यह सबको स्वीकार करता है। पूरे इतिहास में भारत ने कभी भी किसी देश के उपर आक्रमण नहीं किया है।’’ उन्होंने हिंदी को राष्ट्र का मुकुट बताया और कहा, ‘‘हम सबका कर्तव्य है कि हम स्वतंत्रता को जानें, भारत देश को जानें और इसके साथ ही हमें अपने राष्ट्र और अपनी राष्ट्रभाषा पर गर्व होना चाहिए।’’ उन्होंने हिंदी के प्रचार-प्रसार में सबसे योगदान करने की अपील करते हुए कहा कि हिंदी को समृद्ध कर उसे विश्व के सिंहासन पर स्थापित करें, इसमें सरकार आपके साथ है। भारत की नियति को पूरा करने के लिए हिन्दी को पूर्ण रूप से सशक्त व समृद्ध बनाना होगा।

गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग और विश्व हिन्दी परिषद के संयुक्त तत्वाधान में ‘विश्व हिन्दी दिवस समारोह एवं कवि सम्मेलन’ का आयोजन किया गया।

राज्यसभा सांसद तरण विजय, लोकसभा सांसद मीनाक्षी लेखी व अरूण कुमार, राजभाषा विभाग के सचिव प्रभाष कुमार झा, एनएचपीसी के अध्यक्ष केएम सिंह, विश्व हिन्दी परिषद के महासचिव बिपिन कुमार शामिल थे और सभी ने हिन्दी को लेकर प्रखर रूप से अपने विचार को प्रस्तुत किये।

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