18 Jun 2018, 18:36 HRS IST
  • वृद्धि दर को दस प्रतिशत के पार पहुंचाना चुनौती, महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे: मोदी
    वृद्धि दर को दस प्रतिशत के पार पहुंचाना चुनौती, महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे: मोदी
    सुषमा ने अंतर ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारत के योगदान की इच्छा जताई
    सुषमा ने अंतर ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारत के योगदान की इच्छा जताई
    कश्मीर में चिंताजनक रूप से बढ़ी है आतंकवादी समूहों में स्थानीय लोगों की भर्ती : सुरक्षा एजेंसियां
    कश्मीर में चिंताजनक रूप से बढ़ी है आतंकवादी समूहों में स्थानीय लोगों की भर्ती : सुरक्षा एजेंसियां
    भारत, सिंगापुर आर्थिक, रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने पर सहमत
    भारत, सिंगापुर आर्थिक, रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने पर सहमत
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • सिंधु आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तान पहुंचा भारतीय प्रतिनिधिमंडल

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 0:42 HRS IST

: एम जुलकरनैन : लाहौर:नयी दिल्ली, 19 मार्च :भाषा: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कल से आरंभ हो रही स्थायी सिंधु आयोग :पीआईसी: की बैठक में भाग लेने के लिए 10 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल आज यहां पहुंच गया।

दो दिवसीय बैठक में भाग लेने जा रहे इस प्रतिनिधिमंडल में भारत के सिंधु जल आयुक्त पीके सक्सेना, विदेश मंत्रालय के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।

वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों और भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने वाघा सीमा पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।

वाघा सीमा पर पहुंचे मीडिया कर्मियों को प्रतिनिधिमंडल तक पहुंचने नहीं दिया गया।

यहां पहुंचने के बाद प्रतिनिधमंडल कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क के रास्ते इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गया।

इस बीच भारत सरकार के एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा से कहा कि भारत सिंधु जल संधि के तहत परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान की चिंताओं पर चर्चा करने और उनका समाधान करने के लिए सदा तैयार है।

हलांकि सूत्र ने इस बात को दोहराया कि भारत की ओर से 57 साल पुरानी इस संधि के तहत अपने उचित अधिकारों को दोहन करने को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

बहरहाल, इस बैठक के एजेंडे को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उरी आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से इस संधि पर बातचीत नहीं करने का फैसला करने के छह महीने के उपरांत यह बैठक होने जा रही है।

यह पूछे जाने पर कि क्या बैठक के एजेंडे को लेकर सहमति बनाने में विलंब से मुद्दों के समाधान के लिए कम समय मिलेगा तो सूत्र ने ना में जवाब दिया।

जारी

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।