20 Oct 2017, 12:13 HRS IST
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  • संसदीय समिति ने पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों पर व्यापक दृष्टिकोण अपनाने का सुझाव दिया

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 14:6 HRS IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) संसद की एक समिति ने भारत एवं पाकिस्तान के बीच शांति उपायों के तहत सांस्कृतिक एवं खेल क्षेत्रों में आदान-प्रदान के लिए एक ‘‘व्यापक दृष्टिकोण’’ अपनाये जाने की जरूरत का सुझाव दिया है क्योंकि दोनों के संबंध ‘‘संकट एवं वार्ता’’ के मध्य झूलते रहते हैं।

यह प्रस्ताव भारत पाक खेल संबंधों में आयी खटास की पृष्ठभूमि में है। इसमें सबसे ज्यादा दो खेल..क्रिकेट एवं हाकी प्रभावित हुए जहां आपसी द्विपक्षीय मुकाबले न्यूनतम स्तर पर रह गये हैं।

दोनों देशों का आपसी मुकाबला क्रिकेट विश्व कप और चैंपियंस ट्राफी जैसे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों तक सिमट गया है। भारत पाक द्विपक्षीय श्रृंखला अंतिम बार वर्ष 2012 में हुई थी।

विदेश मामलों की स्थायी समिति द्वारा कल संसद में रखी गयी अपनी रिपोर्ट में भारत एवं पाक संबंधों को सामान्य बनाने में आने वाली विभिन्न अड़चनों की पहचान की गयी है। रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद का प्रयोग भारत को सामान्य तौर पर और जम्मू कश्मीर को विशेष रूप से अस्थिर करने के लिए सरकारी नीति के एक औजार के रूप करना संबंधों को सामान्य बनाने में सबसे बड़ी अड़चन है।

समिति ने कहा कि वह विदेश सचिव के इस रूख से पूरी तरह सहमत हैं कि पाकिस्तान को यह कड़ा संदेश भेजा जाना चाहिए कि उसके द्वारा जघन्य कृत्यों को जारी रखने पर वह भारत की उदारता एवं सदाशयता को हल्के में नहीं ले सकता। लिहाजा निरंतरता एवं एक रास्ते पर टिके रहना आवश्यक है।

साथ ही समिति का यह भी मानना है कि सांस्कृतिक, खेल एवं मानवतावादी स्तरों पर संबंध जारी रखे जाने चाहिए।

समिति ने पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक एवं खेल संबंध कायम रखने को लेकर इसके सदस्यों में परस्पर भिन्न राय होने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा, ‘‘समग्र तस्वीर को ध्यान में रखते हुए समिति की यह सुविचारित राय है कि खेल एवं मानवतावादी आदान प्रदान के मामले को एक व्यापक दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए क्योंकि यह दोनों ही देशों में शांति कायम करने में एक संभावनापूर्ण क्षेत्र के रूप में उबर सकता है।’’

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