18 Jun 2018, 18:57 HRS IST
  • वृद्धि दर को दस प्रतिशत के पार पहुंचाना चुनौती, महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे: मोदी
    वृद्धि दर को दस प्रतिशत के पार पहुंचाना चुनौती, महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे: मोदी
    सुषमा ने अंतर ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारत के योगदान की इच्छा जताई
    सुषमा ने अंतर ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारत के योगदान की इच्छा जताई
    कश्मीर में चिंताजनक रूप से बढ़ी है आतंकवादी समूहों में स्थानीय लोगों की भर्ती : सुरक्षा एजेंसियां
    कश्मीर में चिंताजनक रूप से बढ़ी है आतंकवादी समूहों में स्थानीय लोगों की भर्ती : सुरक्षा एजेंसियां
    भारत, सिंगापुर आर्थिक, रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने पर सहमत
    भारत, सिंगापुर आर्थिक, रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने पर सहमत
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • मूत्र से हाइड्रोजन ईंधन पैदा करने वाले नैनो पाउडर की खोज

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 14:1 HRS IST

वाशिंगटन, 13 सितंबर (भाषा) दुनिया में कोई भी चीज व्यर्थ नहीं जाती है और वैज्ञानिकों की ताजा खोज इसी बात को चरितार्थ करती है। वैज्ञानिकों ने ऐसा एल्युमिनियम नैनो पाउडर बनाया है जो मूत्र को तुरंत हाइड्रोजन में बदल देगा जिसका इस्तेमाल ईंधन के सेल को ऊर्जा देने और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं में भारतीय मूल का एक वैज्ञानिक भी शामिल हैं। यूएस आर्मी रिसर्च लैबोरेटरी (एआरएल) के वैज्ञानिकों ने पहले घोषणा की थी कि उनका नैनो-गैल्वैनिक एल्युमिनियम पाउडर पानी के संपर्क में आने पर शुद्ध हाइड्रोजन का उत्पादन कर सकता है।

शोधकर्ताओं ने पानी के सम्मिश्रण वाले किसी तरल पदार्थ में अपना पाउडर मिलाकर ऐसी ही रासायनिक क्रिया की। उन्होंने पाया कि इस पाउडर में मूत्र मिलाने से सामान्य जल मिलाने के मुकाबले कहीं अधिक दर से हाइड्रोजन पैदा होती है।

एआरएल शोधकर्ता क्रिस्टोफर डार्लिंग ने कहा, ‘‘आर्मी वैज्ञानिक के तौर पर हमारा काम ऐसी सामग्री और तकनीक विकसित करना है जिससे सैनिकों को सीधे लाभ मिलें और उनकी क्षमताएं बढ़े। हमने एक ऐसी तकनीक विकसित की जो तुरंत पानी से हाइड्रोजन बना देगी।’’ ब्रह्मांड में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले हाइड्रोजन में ईंधन से चलने वाले सेल को ऊर्जा देने और भविष्य में सैनिकों को ऊर्जा उपलब्ध कराने की क्षमता है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि ईंधन सेल्स बिना प्रदूषण के बिजली उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ईंधन सेल्स कमबशन इंजन के मुकाबले ज्यादा ऊर्जा से भरपूर होते हैं और उन्हें ऊर्जा देने में इस्तेमाल किया जाने वाला हाइड्रोजन विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न हो सकता है।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।