20 Oct 2017, 12:4 HRS IST
  • इलाहाबाद में दिपवली की धूम का नजारा
    इलाहाबाद में दिपवली की धूम का नजारा
    नागपुर में दिवाली मनातीं महिलायें
    नागपुर में दिवाली मनातीं महिलायें
    पर्रगवाल: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दिपावली मनाते बीएसएफ के जवान
    पर्रगवाल: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दिपावली मनाते बीएसएफ के जवान
    हानओवर : उगते सूर्य के साथ रोमन ईश्वर की अराधना करते
    हानओवर : उगते सूर्य के साथ रोमन ईश्वर की अराधना करते
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • गर्भावस्था में बुखार के कारण बच्चे में हो सकते हैं हृदय, चेहरे संबंधी विकार

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 18:43 HRS IST

वाशिंगटन, 12 अक्तूबर (भाषा) गर्भावस्था के पहले तीन से आठ सप्ताह में बुखार के कारण बच्चे में हृदय और चेहरे संबंधी विकार हो सकते हैं।

अनुसंधानकर्ता कई दशक से यह जानते थे कि पहली तिमाही में बुखार के कारण बच्चे में हृदय विकार और होठ तथा तालू के कटे होने के खतरे बढ़ जाते हैं।

इस बात पर चर्चा होती रही थी कि किसी वायरस या संक्रामक कारणों से यह विकार पैदा होता था या केवल बुखार के कारण यह समस्या पैदा हो सकती थी।

वैज्ञानिकों को अब इस बात के सबूत मिले हैं कि पहले तीन से आठ माह के भीतर बुखार की वजह से हृदय और जबड़े का विकास प्रभावित होता है।

‘साइंस सिग्नलिंग’ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार पहली तिमाही में एसिटामिनोफेन के उचित इस्तेमाल से मां में बुखार की आशंका को कम किया जा सकता है। इससे जन्मजात दोष को एक हद तक रोका जा सकता है।

अमेरिका के ड्यूक विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर एरिक बेन्नर ने कहा, ‘‘जहां डॉक्टर गर्भावस्था में महिलाओं को किसी भी तरह की दवा से बचने की सलाह देते हैं, वहीं बुखार कम करने के लिए एसिटामिनोफेन के इस्तेमाल से लाभ हो सकता है। महिलाओं को अपने डॉक्टर से हर खतरे और फायदे के बारे में चर्चा करनी चाहिए।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।