23 Sep 2018, 06:50 HRS IST
  • जन सहयोग से चार साल में पिछले 60 वर्ष से ज्यादा सफाई हुई
    जन सहयोग से चार साल में पिछले 60 वर्ष से ज्यादा सफाई हुई
    शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से बच्चों में आत्मविश्वास की कमी
    शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से बच्चों में आत्मविश्वास की कमी
    ‘बड़ी आंधी’ महसूस कर सरकार के खिलाफ झूठ फैलाने, दुष्प्रचार करने में जुटा विपक्ष : मोदी
    ‘बड़ी आंधी’ महसूस कर सरकार के खिलाफ झूठ फैलाने, दुष्प्रचार करने में जुटा विपक्ष : मोदी
    2019 में जीत के बाद 50 साल तक पार्टी को कोई हराने वाला नहीं होगा :शाह
    2019 में जीत के बाद 50 साल तक पार्टी को कोई हराने वाला नहीं होगा :शाह
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • प्रधानमंत्री मोदी ने जापान, आस्ट्रेलिया और वियतनाम के प्रधानमंत्रियों के साथ कीं द्विपक्षीय बैठकें

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 15:5 HRS IST

: दूसरे पैरा में एक शब्द विशेष में बदलाव के साथ वि 22 रिपीट : (मानस प्रतिम भुइयां) मनीला, 14 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल से आज अलग अलग वार्ताएं कीं जिनमें प्रस्तावित अहम चतुष्पक्षीय गठबंधन को आकार देने की पृष्ठभूमि में भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए नई रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

मोदी ने यहां आसियान शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन वियतनाम के प्रधानमंत्री गुएन शुआन फुक, ब्रुनेई के सुल्तान हस्सानल बोलकिया और न्यूजीलैंड की रिपीट की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं और व्यापार, निवेश और समुद्री सुरक्षा समेत विभिन्न अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

आबे और टर्नबुल के साथ बैठकों से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने खासकर भारत-प्रशांत क्षेत्र में समग्र सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग बढ़ाने को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ‘‘बहुत विस्तृत’’ वार्ता की थी। भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन अपना सैन्य निर्माण मजबूत कर रहा है।

गौरतलब है कि रविवार को भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र को ‘‘मुक्त और स्वतंत्र’’ बनाये रखने के लिए चतुष्पक्षीय गठबंधन को मूर्त रूप देने की दिशा में पहली बैठक की थी।

इस मामले पर मोदी-ट्रंप की बैठक में चर्चा की गई थी और ऐसा समझा जा रहा है कि इस मामले पर आबे और टर्नबुल दोनों के साथ हुई प्रधानमंत्री की बैठकों में भी वार्ता की गई।

जारी

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में