16 Feb 2019, 02:50 HRS IST
  • पुलवामा हमला: कैबिनेट की बैठक में भाग लेते प्रधानमंत्री व अन्य मंत्रीगण
    पुलवामा हमला: कैबिनेट की बैठक में भाग लेते प्रधानमंत्री व अन्य मंत्रीगण
    जम्मू: पुलवामा हमले के विरोध में प्रदर्शन करते लोग
    जम्मू: पुलवामा हमले के विरोध में प्रदर्शन करते लोग
    पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुये गृहमंत्री राजनाथ सिंह
    पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुये गृहमंत्री राजनाथ सिंह
    नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नयी ट्रेन वंदे भारत को हरी झंडी दिखाते हुये
    नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नयी ट्रेन वंदे भारत को हरी झंडी दिखाते हुये
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • सरकार ने कर मामलों में अपील दायर करने की मौद्रिक सीमा बढ़ायी

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 14:44 HRS IST





नयी दिल्ली , 12 जुलाई (भाषा) वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि सरकार ने कर विभाग द्वारा अदालतों और अधिकरणों में अपील दायर करने की मौद्रिक सीमा बढ़ाने का निर्णय किया है। इससे सरकार को कानूनी विवा दों में 41% कमी लाने में मदद मिलेगी। फिलहाल करीब पांच लाख करोड़ रुपये का राजस्व कानूनी वादों के चलते अटका पड़ा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि अभी कर विभाग आयकर अपीलीय अधिकरण और सीमाशुल्क , उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर अपीलीय अधिकरण में केवल उन्हीं मामलों में अपील दायर कर सकता है जिसमें 10 लाख रुपये की कर राशि शामिल है , इस सीमा को बढ़ाकर 20 लाख या उससे अधिक कर दिया गया है।

इसी प्रकार वर्तमान में कर विभाग उच्च न्यायालयों में 20 लाख से अधिक कर राशि के मामलों में ही अपील दायर कर सकता है , इस सीमा को अब बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है।

उच्चतम न्यायालय में दायर किये जाने वाले कर मामलों की मौजूदा सीमा अभी 25 लाख रुपये है जिसे बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया गया है।

गोयल ने कहा कि इससे लोगों का कर प्रणाली में विश्वास बढ़ेगा। वहीं ईमानदार , छोटे और मध्यम दर्जे के कर दाताओं को राहत मिलेगी।

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि सरकार के इस कदम से हर तरह के कर वादों में 41% की कमी आएगी।

इस सीमा को बढ़ाए जाने का लाभ यह होगा कि आयकर अपीलीय अधिकरण में दाखिल 34% कर मामले खत्म हो जाएंगे। जबकि उच्च न्यायालय में दाखिल 48% और उच्चतम न्यायालय में 54% मामले खत्म हो जाएंगे।

गोयल ने कहा कि कई बार देखा गया है कि कर वसूली की राशि से ज्यादा वाद की लागत हो जाती है , ऐसे में इस कदम से इसे कम करने में मदद मिलेगी साथ ही यह कर दाताओं को भी राहत देगा।

उन्होंने कहा कि अपील केवल उन्हीं मामलों में की जाएगी जहां कोई महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दा शामिल होगा।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में