15 Nov 2018, 11:37 HRS IST
  • भारत की पहली बिना इंजन की रेलगाड़ी ‘ट्रेन18’
    भारत की पहली बिना इंजन की रेलगाड़ी ‘ट्रेन18’
    यूनिसेफ की यूथ एम्बेसडर बनी एथलीट हिमा दास
    यूनिसेफ की यूथ एम्बेसडर बनी एथलीट हिमा दास
    चाचा नेहरू की 129वीं जयंती पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
    चाचा नेहरू की 129वीं जयंती पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
    मोदी ने फिनटेक फेस्टिवल में भारत को बताया निवेश के लिए पसंदीदा स्थान
    मोदी ने फिनटेक फेस्टिवल में भारत को बताया निवेश के लिए पसंदीदा स्थान
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • चीन ने महाराष्ट्र से सोयाबीन-खली खरीदने की इच्छा जताई

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 14:42 HRS IST



मुंबई, 12 सितंबर (भाषा) चीन ने महाराष्ट्र से सोयाबीन खली खरीदने की इच्छा जतायी है। इसका निर्यात बढ़ने से किसानों को उनकी फसल की बेहतर कीमत मिल सकती है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि चीन के महावाणिज्य दूत तांग गोचई ने सोमवार को इस सिलसिले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और कहा कि चीन महाराष्ट्र से कृषि उत्पादों का आयात करने और कृषि क्षेत्र में निवेश करने पर भी विचार कर रहा है।

फडणवीस ने कहा कि इस मुद्दे पर चीन से बातचीत को आगे बढ़ाने के लिये अलग से एक अधिकारी तैनात किया जाएगा।

सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र पहले ही 10 प्रतिशत निर्यात संवर्धन प्रोत्साहन (सब्सिडी) की घोषणा कर चुका है।

फडणवीस ने कहा कि यह निश्चित रूप से सोयाबीन उत्पादकों को अच्छी कमाई करने में मदद करेगा क्योंकि निर्यात से घरेलू बाजार में भी इसकी मांग बढ़ेगी।

सोयाबीन खली एक मोटा दानेदार पदार्थ है, जो भौतिक प्रक्रियाओं और कई बार निष्कर्षण के बाद सोयाबीन बीज से उत्पादित होता है।

राज्य के कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि सोयाबीन बाजार बढ़ने से किसानों को लाभ होगा।

उन्होंने कहा, "एक क्विंटल सोयाबीन से 18 किलो तेल और 82 किलो खली निकलती है। इसलिये किसानों के लिये खली की कीमत तेल से ज्यादा है।"

अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने भी सोयाबीन, कच्चा पाम तेल और परिष्कृत पाम तेल समेत विभिन्न तेल को आयात शुल्क बढ़ा दिया है। इससे भी स्थानीय किसानों को लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि यदि सोयाबीन बाजार में तेजी जारी रहती है तो इससे किसानों को बेहतर आय में मदद मिल सकती है।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में