26 Sep 2018, 08:24 HRS IST
  • सबसे बड़े लोकतंत्र में राजनीति का अपराधीकरण चिंता का विषय-न्यायालय
    सबसे बड़े लोकतंत्र में राजनीति का अपराधीकरण चिंता का विषय-न्यायालय
    जन सहयोग से चार साल में पिछले 60 वर्ष से ज्यादा सफाई हुई
    जन सहयोग से चार साल में पिछले 60 वर्ष से ज्यादा सफाई हुई
    शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से बच्चों में आत्मविश्वास की कमी
    शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से बच्चों में आत्मविश्वास की कमी
    ‘बड़ी आंधी’ महसूस कर सरकार के खिलाफ झूठ फैलाने, दुष्प्रचार करने में जुटा विपक्ष : मोदी
    ‘बड़ी आंधी’ महसूस कर सरकार के खिलाफ झूठ फैलाने, दुष्प्रचार करने में जुटा विपक्ष : मोदी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • भारतीय-अमेरिकी सांसद ने एच-1बी वीजा कर्मचारियों को रोजगार बदलने की छूट देने को लेकर विधेयक पेश किया

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 17:29 HRS IST

वाशिंगटन, 14 सितंबर (भाषा) भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने प्रतिनिधि सभा में विधेयक पेश किया है। इस विधेयक का मकसद एच-1बी कर्मचारियों को नौकरी बदलने के मामले में छूट देना तथा लंबित ग्रीन कार्ड में निपटान करना है। इसके लिये एच-1बी धारकों के लिये प्रति देश सीमा के बजाए शिक्षा आधारित छूट व्यवस्था का विस्तार का सुझाव दिया गया है।

कृष्णमूर्ति ने रिपब्लिकन पार्टी के सांसद माइक कॉफमैन के साथ मिलकर एच आर 6794 ‘इमिग्रेशन इनोवेशन एक्ट’ 2018 गुरूवार को प्रतिनिधि सभा में पेश किया।

अगर यह विधेयक पारित होता है और राष्ट्रपति इस पर हस्ताक्षर करते हैं यह उच्च दक्षता प्राप्त कर्मचारियों के लिये वीजा कार्यक्रम एच-1बी व्यवस्था में सुधार लाएगा तथा उसे दुरूस्त करेगा। साथ ही इसमें घरेलू कार्यबल में कौशल विकास के लिये अमेरिका में छात्रों के लिये विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग तथा गणित (एसटीईएम) शिक्षा में निवश बढ़ाने की बात कही गयी है।।

डेमोक्रेट पार्टी के सांसद कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘घरेलू कार्यबल के कौशल विकास के लिये विधेयक में हमारी शिक्षा प्रणाली में निवेश बढ़ाने की बात कही गयी है ताकि इसकी गारंटी हो कि अमेरिकी कर्मचारी उच्च प्रौद्योगिकी वाले रोजगार के लिये प्रशिक्षित हों। इसमें उच्च दक्षता वाले कार्यबल के लिये वीजा प्रणाली में सुधार की भी बात है...।’’

कॉफमैन ने कहा, ‘‘हमारी आव्रजन नीति देश की आर्थिक जरूरतों के अनुकूल होनी चाहिए।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में