15 Nov 2018, 12:33 HRS IST
  • भारत की पहली बिना इंजन की रेलगाड़ी ‘ट्रेन18’
    भारत की पहली बिना इंजन की रेलगाड़ी ‘ट्रेन18’
    यूनिसेफ की यूथ एम्बेसडर बनी एथलीट हिमा दास
    यूनिसेफ की यूथ एम्बेसडर बनी एथलीट हिमा दास
    चाचा नेहरू की 129वीं जयंती पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
    चाचा नेहरू की 129वीं जयंती पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
    मोदी ने फिनटेक फेस्टिवल में भारत को बताया निवेश के लिए पसंदीदा स्थान
    मोदी ने फिनटेक फेस्टिवल में भारत को बताया निवेश के लिए पसंदीदा स्थान
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • सरकार नहीं मांग रही हे रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपये: आर्थिक मामलों के सचिव गर्ग

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 14:40 HRS IST



नई दिल्ली, 9 नवंबर (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह भारतीय रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपये की पूंजी की कोई मांग नहीं कर रही है बल्कि वह केवल केंद्रीय बैंक की आर्थिक पूंजी व्यवस्था तय करने के बारे में चर्चा कर रही है।

वित्त मंत्रालय में आर्थिक विभाग के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने ट्वीट में कहा, ‘‘मीडिया में गलत जानकारी वाली तमाम अटकलबाजियां जारी हैं। सरकार का राजकोषीय हिसाब-किताब बिल्कुल सही चल रहा है। अटकलबाजियों के विपरीत सरकार का आरबीआई से 3.6 या एक लाख करोड़ रुपये मांगने का कोई प्रस्ताव नहीं है।’’

गर्ग ने कहा कि इस समय , ‘‘केवल एक प्रस्ताव पर ही चर्चा चल रही है और वह रिजर्व बैंक की आर्थिक पूंजी की व्यवस्था तय करने की चर्चा है।’’

आर्थिक मामलों के सचिव ने विश्वास जताया कि सरकार चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 3.3 प्रतिशत तक सीमित रखने के बजट में तय लक्ष्य के भीतर बनाए रखने में कामयाब होगी। गर्ग ने कहा कि सरकार का राजकोषीय हिसाब-किताब ठीक चल रहा है।’’

उन्होंने कहा , ‘‘वर्ष 2013-14 में सरकार का राजकोषीय घाटा जीडीपी के 5.1 प्रतिशत के बराबर था। उसके बाद से सरकार इसमें लगातार कमी करती आ रही है। हम वित्त वर्ष 2018-19 के अंत में राजकोषय घाटे को 3.3 तक सीमित कर देंगे।’’

उन्होंने राजकोषीय लक्ष्यों को लेकर अटकलों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘सरकार ने दरअसल बजट में इस साल बाजार से कर्ज जुटाने का जो अनुमान रखा था उसमें 70000 करोड़ रुपय की कमी स्वयं ही कम कर दी है।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में