15 Sep 2019, 19:35 HRS IST
  • प्रख्यात अधिवक्ता राम जेठमलानी का निधन
    प्रख्यात अधिवक्ता राम जेठमलानी का निधन
    लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटा, प्रधानमंत्री ने कहा- जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं
    लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटा, प्रधानमंत्री ने कहा- जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं
    ‘विक्रम’ की सॉफ्ट लैंडिंग की सभी तैयारियां पूरी
    ‘विक्रम’ की सॉफ्ट लैंडिंग की सभी तैयारियां पूरी
    नये ठिकाने तिहाड़ की जेल नंबर सात में चिदंबरम ने की हल्के नाश्ते के साथ दिन की शुरुआत
    नये ठिकाने तिहाड़ की जेल नंबर सात में चिदंबरम ने की हल्के नाश्ते के साथ दिन की शुरुआत
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • भारतीय-अमेरिकी न्यायाधीश ने ट्रंप की लेखा फर्म को कांग्रेस को रिकॉर्ड सौंपने के सौंपने के आदेश दिये

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 13:19 HRS IST

वाशिंगटन, 22 मई (भाषा) एक भारतीय-अमेरिकी न्यायाधीश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लेखा फर्म को कांग्रेस को अपने वित्तीय रिकॉर्ड सौंपने के आदेश दिये है।

न्यायाधीश अमित मेहता ने हाउस डेमोक्रेट्स को उनके वित्तीय रिकॉर्ड को प्राप्त करने से रोकने के ट्रंप के प्रयास खारिज कर दिया। कांग्रेस के साथ उनकी कानूनी लड़ाई में इसे ट्रंप प्रशासन के लिए शुरूआती झटका माना जा रहा है।

डीसी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के न्यायाधीश मेहता ने सोमवार को हाउस ओवरसाइट कमेटी के पक्ष में फैसला सुनाया जिसके अध्यक्ष एलिजा कमिंग्स ने अप्रैल में लेखा फर्म मजार्स यूएसए से दस साल के ट्रंप के वित्तीय रिकॉर्ड मांगे थे।

सीएनएन की खबर के अनुसार उन्होंने कहा कि लेखा फर्म को ट्रम्प के उस लेखा रिकॉर्ड सौंपने की आवश्यकता होगी, जब वह डेमोक्रेटिक-नियंत्रित हाउस ओवरसाइट समिति के अध्यक्ष थे।

डीसी जिला न्यायालय के न्यायाधीश मेहता ने 41-पृष्ठ के आदेश में उन्होंने समिति को रिकार्ड हासिल करने से रोकने संबंधी के ट्रम्प के प्रयास को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रपति की जांच का अधिकार है।

इस बीच ट्रंप ने इस आदेश को ‘‘मूर्खतापूर्ण’’ करार दिया।

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा मेहता को नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस आदेश से असहमत हैं। यह मूर्खतापूर्ण फैसला है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा किसी अन्य राष्ट्रपति के साथ कभी नहीं हुआ।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।