26 May 2020, 23:25 HRS IST
  • लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
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    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
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    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
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    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
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पीटीआई-भाषा संवाददाता 14:4 HRS IST

कांता ने कहा ‘‘पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है जिसकी गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया और सरकार को चाहिए कि समय रहते इस समस्या को दूर करने के लिए नीतियां और योजनाएं बनाए।’’

एनपीएफ सदस्य के जी केन्या ने कहा कि विभाजन के बाद देश के पूर्वी इलाके पर उतना ध्यान नहीं दिया गया जितना देना चाहिए। इस वजह से पूर्वी हिस्से की समस्याएं लगातार बढ़ती गईं। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए क्योंकि इससे न केवल जनसांख्यिकी आंकड़े प्रभावित होते हैं बल्कि संसाधनों पर भी दबाव पड़ता है।

केन्या ने कहा ‘‘राष्ट्रपति के अभिभाषण में क्षेत्रीय समानता की बात कही गई है। इसे अमल में भी लाना होगा।’’

चर्चा में हिस्सा लेते हुए एआईएमयूएल के अब्दुल वहाब ने कहा कि सरकार को सबका विश्वास हासिल करने के अपने वादे के प्रति गंभीरता दिखानी चाहिए। लेकिन सबरीमाला जैसी घटनाओं से लगता है कि यह भी एक चुनावी वादा ही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को इस बात की बधाई दी कि उन्होंने इस चुनाव में ‘‘चुनावी इंजीनियरिंग’’ का ईजाद किया है।

भाजपा की सरोज पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के उस दावे को गलत बताया कि भाजपा लुभावने वादे करके सत्ता में आयी है। उन्होंने कहा कि ऐसा कहना जनादेश का अपमान है।

तेदेपा के के रवीन्द्र कुमार ने सत्ता पक्ष द्वारा उनकी पार्टी के चार सदस्यों को ‘‘तोड़ने’’ का आरोप लगाते हुए इससे सरकार दल-बदल को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार इस बात की पूरी कोशिश कर रही है कि सदन में विपक्ष का पूरी तरह से सफाया कर अपना एकाधिकार कायम कर सके। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं होगा। भाषा निर्मल अविनाश माधव मनीषा

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