26 May 2020, 23:56 HRS IST
  • लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
    लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • नलिनी की याचिका पर फैसला सुरक्षित

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 21:44 HRS IST

चेन्नई, 12 जुलाई (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने राजीव गांधी हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन की एक याचिका पर अपना फैसला शुक्रवार को सुरक्षित रख लिया।

इस याचिका में तमिलनाडु के राज्यपाल को उसे रिहा करने के नौ सितम्बर, 2018 के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने का निर्देश देने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति आर.सुबैया और न्यायमूर्ति सी. सर्वनन की पीठ ने इस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। पीठ के समक्ष नलिनी के वकील ने लिखित दलीलें रखीं।

नलिनी के वकील ने दावा किया है कि न्यायालय, राज्यपाल को आदेश दे सकता है। उन्होंने पहले दायर की गई एक याचिका का उल्लेख किया, जिसमें राज्यपाल को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वह विधानसभा के पटल पर बहुमत साबित करने के लिये तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को आमंत्रित करें।

महाधिवक्ता ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 361 (1) के तहत राज्यपाल को पूर्ण छूट हासिल है और इसलिये राज्यपाल को कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता है।

राज्य मंत्रिमंडल ने इस हत्याकांड में दोषी वी श्रीहरन उर्फ मुरूगन, टी सुथनथीरराजा उर्फ संतन, एजी पेरारीवलन उर्फ अरिवू, जयकुमार, रॉबर्ट पायस और नलिनी को संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत रिहा करने का फैसला किया था।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।