19 Apr 2021, 22:11 HRS IST
  • दस राज्यों में रोजाना बढ़ रहे हैं कोविड-19 के नये मामले
    दस राज्यों में रोजाना बढ़ रहे हैं कोविड-19 के नये मामले
    त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब कोरोना वायरस से संक्रमित
    त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब कोरोना वायरस से संक्रमित
    मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति : फोर्ब्स
    मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति : फोर्ब्स
    दीदी को तिलक लगाने वालों,भगवा कपड़े पहनने वालों से दिक्कत: मोदी
    दीदी को तिलक लगाने वालों,भगवा कपड़े पहनने वालों से दिक्कत: मोदी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम विदेश
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • ट्रम्प ने आतंकवाद से निपटने के लिए नया शासकीय आदेश जारी किया

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 9:19 HRS IST

(ललित के झा)

वाशिंगटन, 11 सितम्बर (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक नया शासकीय आदेश जारी किया है, जो आतंकवाद और आतंकवादी गतिविधियों को धन मुहैया कराने वालों पर लगाम लगाने , उनकी पहचान करने, उन्हें प्रतिबंधित करने और दुनियाभर में आतंकवाद के साजिशकर्ताओं को रोकने की देश की क्षमता को बढ़ाएगा।

ट्रम्प ने 9/11 की पूर्वसंध्या पर मंगलवार को यह नया शासकीय आदेश जारी किया। इस नए आदेश का इस्तेमाल करने हुए प्रशासन ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान सहित 11 आतंकवादी समूहों के 20 से अधिक सदस्यों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया।

अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीवन म्नुचिन ने कहा कि इससे सरकार को आतंकवादी समूहों के सदस्यों और आतंकवादी प्रशिक्षण में हिस्सा लेने वाले लोगों पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी।

विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में म्नुचिन ने कहा, ‘‘ विशेष रूप से, हमारे पास 11 से अधिक आतंकवादी संगठनों के सदस्यों, ऑपरेटिव और फाइनेंसर के नाम हैं, जिनमें ईरान के कुर्द बल, हमास, आईएसआईएस, अल कायदा और उनके सहयोगी शामिल हैं।’’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ सरकार ने पहले से कई अधिक कदम उठाए हैं।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद की पहुंच अर्थ तंत्र तक हो होने पाए इस दिशा में विभाग अपने प्रयास बढ़ा रहा है। इस बीच, पोम्पिओ ने शासकीय आदेश को सितम्बर 2001 के बाद से आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए उठाया गया ‘‘ सबसे महत्वपूर्ण कदम’’ बताया।

गौरतलब है कि 11 सितम्बर 2001 को अमेरिका पर भीषण आतकंवादी हमले हुए थे। इसके बाद ही अफगानिस्तान में तालिबान का पतन हुआ था। आज 18 साल बाद भी करीब 14,000 अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में तैनात हैं।

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।