04 Apr 2020, 14:19 HRS IST
  • प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
    पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली
    पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • वित्त मंत्रालय के पूर्व अधिकारी का दावा : 2000 रुपये के नोट की हो रही जमाखोरी

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 14:4 HRS IST

नयी दिल्ली , आठ नवंबर (भाषा) नोटबंदी की तीसरी वर्षगांठ पर आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव एस . सी . गर्ग ने कहा कि 2,000 रुपये के नोट को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट की जगह लाए गए 2,000 रुपये के नोट की जमाखोरी की जा रही है और इसे बंद कर देना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन साल पहले आज ही के दिन 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट को बंद करने की घोषणा की थी। इसका मकसद काले धन पर अंकुश लगाना , डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और देश को लेस - कैश अर्थव्यवस्था बनाना था।

गर्ग ने एक नोट में कहा , " वित्तीय प्रणाली में अब भी काफी मात्रा में नकदी है। 2,000 रुपये के नोटों की जमाखोरी इसका सबूत है। पूरी दुनिया में डिजिटल भुगतान का विस्तार हो रहा है। भारत में भी ऐसा ही हो रहा है। हालांकि , विस्तार की रफ्तार धीमी है। "

वित्त मंत्रालय से स्थानांतरण के बाद गर्ग ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली थी।

गर्ग ने कहा कि मूल्य के आधार पर चलन में मौजूद मुद्रा में 2,000 रुपये के नोट की एक - तिहाई हिस्सेदारी है।

उन्होंने दो हजार रुपये के नोट को बंद करने या चलन से वापस लेने की वकालत करते हुए कहा , " वास्तव में 2,000 रुपये के नोटों का एक अच्छा - खासा हिस्सा चलन में नहीं है। इनकी जमाखोरी हो रही है। इसलिए मुद्रा के लेनदेन में 2,000 रुपये के नोट ज्यादा नहीं दिखते हैं। "

गर्ग ने कहा , " बिना किसी दिक्कत के इन नोटों को बंद किया जा सकता है। इसका एक आसान तरीका है कि इन नोटों को बैंक खातों में जमा कर दिया जाए। इसका उपयोग प्रक्रिया के प्रबंधन में किया जा सकता है। "

आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव ने कहा , " भुगतान करने के बेहद सुविधाजनक डिजिटल मोड तेजी से नकदी की जगह ले रहे हैं। हालांकि भारत को इस दिशा में अभी लंबी दूरी तय करना है क्योंकि देश में 85 प्रतिशत से अधिक लेनदेन में अभी भी नकदी की मौजूदगी है। "



  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।
  • इस खण्ड में