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  • अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया संसद से कानून पारित होने पर शुरु हो जाएगी: मोदी

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 20:34 HRS IST

नयी दिल्ली, आठ नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की लगभग 1,800 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिये संसद के शीतकालीन सत्र में एक कानून पारित करने का शुक्रवार को भरोसा दिलाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इन कॉलोनियों के निवासियों से शुक्रवार को मुलाकात की। उन्होंने इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक दिलाने का भी आश्वासन दिया।

संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरू हो रहा है।

मोदी ने कहा, ‘‘संसद का सत्र शुरु होने पर इस निर्णय को लागू करने के लिये कानून पारित कर दिया जायेगा और इसके बाद नियमितीकण की प्रक्रिया भी शुरु हो जायेगी।’’

उल्लेखनीय है कि हाल ही में केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने दिल्ली की 1797 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सहित तमाम बड़े शहरों में बरसों से लंबित पड़े आवास योजनाओं को पूरा करने के लिये दो दिन पहले घोषित की गयी पीएम उदय योजना के तहत आधे-अधूरे निर्मित 4.5 लाख मकानों का निर्माण कार्य पूरा किया जायेगा।

हाल ही में दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के केंद्र सरकार के फैसले के लिये प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करने आये इन कॉलोनियों के निवासियों को संबोधित करते हुए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘‘संसद से कानून पारित होने के बाद इन कॉलोनियों में मकान मालिकों को स्वामित्व देने की प्रक्रिया शुरु कर दी जायेगी।’’

मोदी ने इस काम को यथाशीघ्र पूरा करने का विश्वास व्यक्त करते हुये कहा, ‘‘कोई जिम्मेदारी उठाए न उठाए, हम गैरजिम्मेदार नहीं बन सकते हैं। सरकार को जितने अफसर देने पड़ेंगे वो देंगे, सर्वेक्षण के लिए जितने लोगों को लगाना पड़ेगा लगाएंगे। भारत सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ इस काम को पूरा करेगी।’’

उन्होंने कहा कि इस काम को पूरा करने के लिये बनी नीति का मूलमंत्र भी ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ है।

उन्होंने कहा कि संपत्ति के मालिकाना हक देने की इस नीति में किसी भी प्रकार के भेदभाव की कोई जगह नहीं है।

इस काम में दशकों की देरी के लिये पिछली सरकारों के ढुलमुल रवैये को जिम्मेदार ठहराते हुये मोदी ने कहा, ‘‘आपने देखा है कि देश आजाद होने से लेकर आज तक एक ऐसी परंपरा बन गई थी, जिसमें लटकाना, अटकाना, और भटकाना शामिल था। कोई निर्णय ही नहीं किया जाता था। सिर्फ फैसलों को लटकाये रहते थे कि जब कोई और आएगा तब वो देखेगा।’’

उन्होंने पीएम उदय योजना का जिक्र करते हुये कहा, ‘‘परसों (बुधवार को) सरकार ने करीब 25 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली ऐसी योजना बनाई है जिसके जरिये 4.5 लाख लोगों के मकानों का निर्माण कार्य पूरा करा कर, उन्हें आवास सौंप दिया जायेगा।’’

उन्होंने कहा कि पीएम उदय योजना से एक प्रकार से दिल्ली के नये उदय का प्रारंभ होगा।

इस योजना को सफल बनाने में दिल्ली वालों से सक्रिय सहयोग की अपील करते हुये मोदी ने कहा कि वे योजना के नियमों का सजगता से अध्ययन कर इसे लागू करने में सहयोग करें, ताकि किसी प्रकार का कोई विवाद पैदा न हो।

उन्होंने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित नहीं किये जाने की समस्या के लिये पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुये कहा, ‘‘इन कॉलोनियों को नियमित करने के प्रयास पहले भी किये गये थे, लेकिन आधे-अधूरे मन से किये गये थे। जो (वे प्रयास) धर्म और जाति की राजनीति के इर्द- गिर्द रहे थे।’’

प्रधानमंत्री ने 2014 से ही इन कॉलोनियों को नियमित करने के उपाय खोजने का काम शुरु करने का जिक्र करते हुये कहा कि इस काम में दिल्ली सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इन कॉलोनियों में रहने वाले लगभग 40 लाख लोगों के आवास को कानूनी तौर पर नियमित करने के लिये यथासंभव संसाधनों को जुटा कर सभी जनप्रतिनिधियों के साथ बारीकी से विभिन्न पहलुओं की चर्चा कर नीति बनायी।

मोदी ने कहा, ‘‘इस नीति में धर्म के आधार पर किसी तरह के भेदभाव को कोई स्थान नहीं दिया गया। नीति का विरोध वाले भी अगर हकदार होंगे, तो उन्हें भी उनका हक मिलेगा।’’

प्रधानमंत्री ने 2022 तक देश में एक भी परिवार के बेघर नहीं रहने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस अवधि में सरकार सभी जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध करायेगी और एक भी परिवार ऐसा नहीं रहेगा जिसके पास अपना घर न हो।

इस अवसर पर पुरी के अलावा दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी सहित दिल्ली से पार्टी के अन्य सांसद तथा पार्टी के कई और नेता भी मौजूद थे।

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