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  • सिंगापुर के साथ नेताजी के चिरस्थायी संबंध का प्रतीक है आजाद हिंद फौज स्मारक

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 20:20 HRS IST

सिंगापुर, 22 नवंबर (भाषा) सिंगापुर में विशाल ‘एस्प्लानेड पार्क’ में लगी दो विशाल पट्टिकाएं इस देश के साथ आजाद हिंद फौज (आईएनए) और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चिरस्थायी संबंध को दर्शाती हैं।

इन पट्टिकाओं को ‘आईएनए स्मारक’ के नाम से जाना जाता है। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के 50 साल पूरे होने के अवसर पर 1995 में मूल स्मारक की जगह इसे स्थापित किया गया और यह सिंगापुर में एक प्रमुख दर्शनीय पर्यटन स्थल है।

बोस ने 1943 के बाद से हिंद फौज का नेतृत्व किया था। आठ जुलाई, 1945 को उन्होंने आईएनए स्मारक की आधारशिला रखी थी और इसे आजाद हिंद फौज के अज्ञात शहीद सैनिकों को समर्पित किया था।

यहां एस्प्लानेड पार्क में चिह्न पर लिखा है, ‘‘स्थानीय आईएनए की स्थापना 1942 में जापानियों के सहयोग से हुई थी। यह भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्ति दिलाना चाहता था, इस फौज में मुख्य रूप से ब्रिटिश भारतीय सेना के युद्धबंदी शामिल थे।’’

इन पट्टिकाओं पर लिखा है, ‘‘जब ब्रिटिश सिंगापुर लौटे तो स्मारक की स्थापना के महज दो महीने भीतर इसे गिरा दिया गया। इन पट्टिकाओं को मूल स्मारक की जगह पर ही लगाया गया है।’’

पुस्तक ‘इंडिया इन द मेकिंग ऑफ सिंगापुर’ के लेखक असद लतीफ के लिये आईएनए स्मारक महज एक भवन नहीं है।

लतीफ ने ‘पीटीआई’ को बताया, ‘‘इसमें लोगों के मूल्य और विचार समाहित हैं। इतिहास कैसे बना, यह जानने के लिये अधिक से अधिक भारतीयों को आईएनए स्मारक देखना चाहिए।’’

यह स्मारक भारत एवं सिंगापुर के बीच ऐतिहासिक संबंध का गवाह भी है।

गौरतलब है कि 19 नवंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बोस एवं आजाद हिंद फौज के सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किया था।

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