22 Feb 2020, 03:53 HRS IST
  • एजीआर बकाया भुगतान संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय ने अपनाया कड़ा रुख
    एजीआर बकाया भुगतान संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय ने अपनाया कड़ा रुख
    एनआरसी व एनपीआर- कांग्रेस व भाजपा ने एक दूसरे पर साधा निशाना
    एनआरसी व एनपीआर- कांग्रेस व भाजपा ने एक दूसरे पर साधा निशाना
    'आरएसएस के प्रधानमंत्री' भारत माता से झूठ बोलते हैं- राहुल फोटो पीटीआई
    'आरएसएस के प्रधानमंत्री' भारत माता से झूठ बोलते हैं- राहुल फोटो पीटीआई
    दिल्ली के किराड़ी में आग लगने से नौ लोगों की मौत
    दिल्ली के किराड़ी में आग लगने से नौ लोगों की मौत
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम राष्ट्रीय
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • रिकार्ड तोड़ बर्फबारी और पारे में उतार चढ़ाव के लिये पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता जिम्मेदार

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 13:25 HRS IST

: निर्मल यादव :

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) दिसंबर में देश के मैदानी इलाकों में इस बार रिकार्ड तोड़ सर्दी, पहाड़ी क्षेत्रों में अप्रत्याशित बर्फबारी और अब जनवरी में पारे के बार बार उतार चढ़ाव के कारण मौसम की अनूठी आंख मिचौली के लिये मौसम विज्ञानी हिमालय क्षेत्र में अधिक तीव्रता के पश्चिमी विक्षोभों को प्रमुख वजह बता रहे हैं।

मौसम विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सती देवी ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि मौसम के इस अप्रत्याशित मिजाज का ही नतीजा है कि हिमालय क्षेत्र में रिकार्ड बर्फबारी और मैदानी इलाकों में जनवरी में 40 मिमी तक बारिश के साथ धूप एवं बादलों की लुकाछिपी का अनूठा खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि दिन में बार बार धूप निकलना और बीच बीच में बारिश होना, जलवायु परिवर्तन की आहट के बीच मौसम की चरम गतिविधियों के परिणाम है।

डा. सती देवी ने मौसम के अप्रत्याशित मिजाज की तात्कालिक वजह हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभों की तीव्रता में इस साल अप्रत्याशित अधिकता आने को बताया। उन्होंने कहा, ‘‘इसका सीधा असर पहाड़ी क्षेत्रों के अलावा मैदानी क्षेत्रों के मौसम पर देखने को मिल रहा है। आश्चर्यजनक तौर पर पिछले साल की तुलना में इस साल पश्चिमी विक्षोभों की संख्या कम रही लेकिन इनकी तीव्रता पहले की तुलना में काफी ज्यादा है जिसके कारण पहाड़ों पर अत्यधिक बर्फबारी और मैदानी इलाकों में अनियमित बारिश और पारे में बार बार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है।’’

उल्लेखनीय है कि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2018 में छह और जनवरी 2019 में सात पश्चिमी विक्षोभ आये थे, जबकि दिसंबर 2019 में इनकी संख्या पांच और इस साल जनवरी में अब तक चार विक्षोभ आये।

उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता इतनी ज्यादा रही जिसका प्रभाव पहाड़ी क्षेत्रों से आगे मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश के रूप में दिखा है।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य मैदानी राज्यों में बारिश के बीच तापमान की अनियमितता के सवाल पर डा. सती देवी ने कहा, ‘‘मैदानी इलाकों में तापमान के उतार चढ़ाव के लिये पश्चिमी विक्षोभ के साथ साथ, जनवरी में दक्षिण से चलने वाली गर्म पूर्वी हवाओं का हिमालय क्षेत्र से आने वाली सर्द पश्चिमी हवाओं से उत्तरी इलाकों में टकराना है। पूर्वी और पश्चिमी हवाओं की गति जब एक दूसरे पर हावी होती है तब पारे में तेजी से उतार चढ़ाव आना स्वाभाविक है। बार बार सर्दी गर्मी का अनुभव होना इसी का परिणाम है।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।