05 Jun 2020, 00:17 HRS IST
  • लॉकडाउन के बीच दिल्ली से अपने घर लौटते प्रवासी श्रमिक
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    प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडालन की घोषणा की
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    कोरोना वायरस के मद्देनजर नयी दिल्ली में लोग एहतियात बरतते हुये
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    चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की जांच करते चिकित्साकर्मी
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  • मंत्रिमंडल ने राशन की दुकानों के जरिये दो किलो अतिरिक्त अनाज की आपूर्ति को मंजूरी दी

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पीटीआई-भाषा संवाददाता 17:51 HRS IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) देश व्यवापी कोरोना पाबंदियों के बीच आम लागों तक राशन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने बुधवार को राशन की दुकानों के माध्यम से 80 करोड़ लाभार्थियों को दिये जाने वाले सब्सिडी-प्राप्त खाद्यान्नों का मासिक कोटा दो किलोग्राम बढ़ाकर सात किलोग्राम प्रति व्यक्ति करने का फैसला किया।

   इस संबंध में फैसला, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) द्वारा लिया गया।

सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बैठक के बाद मीडिया को बताया, ‘‘सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत 80 करोड़ लोगों को 7 किलोग्राम प्रति व्यक्ति खाद्यान्न उपलब्ध कराने का फैसला किया है।’’ उन्होंने कहा कि गेहूं की कीमत 27 रुपये किलो है, जो दो रुपये किलो की रियायती दर पर प्रदान की जायेगी, जबकि चावल की लागत लगभग 32 रुपये किलो है, लेकिन राशन की दुकानों के माध्यम से इसे तीन रुपये किलो की दर से आपूर्ति की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को पीडीएस के माध्यम से वितरण के लिए केंद्र से खाद्यान्न लेने के लिए कहा गया है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम कानून (एनएफएसए) के तहत, सरकार 80 करोड़ से अधिक लोगों को अत्यधिक रियायती मूल्य पर प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न की आपूर्ति कर रही है।

पीडीएस के माध्यम से अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित करने का निर्णय लिया गया है क्योंकि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) गेहूं और चावल के अधिक स्टॉक होने की स्थिति से जूझ रहा है। कुछ खाद्यान्नों के स्टॉक खुली जगह में रखे गए हैं और एफसीआई मानसून से पहले इस स्टॉक को खत्म करने के दबाव में है।

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