05 Aug 2020, 01:42 HRS IST
  • देश में एक दिन में कोविड-19 के 54,735 नए मामले, कुल मामले 17 लाख के पार
    देश में एक दिन में कोविड-19 के 54,735 नए मामले, कुल मामले 17 लाख के पार
    कोरोना वायरस का खतरा टला नहीं है, बहुत ही ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत : मोदी
    कोरोना वायरस का खतरा टला नहीं है, बहुत ही ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत : मोदी
    भारत में कोविड-19 के मामले 13 लाख के पार, मृतकों की संख्या 31,358 हुई
    भारत में कोविड-19 के मामले 13 लाख के पार, मृतकों की संख्या 31,358 हुई
    कानून बनने के बाद तीन तलाक की घटनाओं में 82 फीसदी की कमी: नकवी
    कानून बनने के बाद तीन तलाक की घटनाओं में 82 फीसदी की कमी: नकवी
PTI
PTI
Select
खबर
Skip Navigation Linksहोम अर्थ
login
  • सबस्क्राइबर
  • यूज़र नाम
  • पासवर्ड   
  • याद रखें
ad
add
add
  • भारत आज भी दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक: मोदी

  • विज्ञापन
  • [ - ] फ़ॉन्ट का आकार [ + ]
पीटीआई-भाषा संवाददाता 14:53 HRS IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत एक तरफ जहां कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का मजबूती से मुकाबला कर रहा है, वहीं लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ अर्थव्यवस्था की सेहत पर भी अपना ध्यान केंद्रित किए हुए है।

‘इंडिया ग्‍लोबल वीक 2020’ के उद्घाटन के मौके पर मोदी ने यह भी कहा कि भारत आज भी दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और बहुत कम देश ऐसे हैं जो भारत जितने अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ भारत जहां वैश्विक महामारी का डट कर मुकाबला कर रहा है, वहीं इसके समानांतर लोगों की सेहत की चिंता करते हुए हम अर्थव्यवस्था की सेहत पर भी अपना ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय स्वाभाविक रूप से सुधारक होते हैं और इतिहास बताता है कि जब भी कोई चुनौती सामने आई, चाहे वह सामाजिक हो या आर्थिक, भारत ने उस पर जीत हासिल की।

कोरोना संक्रमण काल के दौरान अर्थव्वस्था को पटरी पर लाने के लिए उठाए गए सरकार के कदमों की विस्तृत जानकारी देते हुए मोदी ने वैश्विक समुदाय से भारत में निवेश करने की भी अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज भी विश्व की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाआं में एक है। हम विश्व की सभी कपंनियों के लिए रेड कार्पेट बिछा रहे हैं ताकि वे भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। बहुत कम देश ऐसे अवसर प्रदान करते हैं, जो भारत आज प्रदान कर रहा है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और विश्व की भलाई और समृद्धि के लिए जो कुछ भी कर सकता है, वह करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ का मतलब यह नहीं है कि विश्व के लिए दरवाजे बंद हो गए। इसका मतलब है कि घरेलू उत्पादों और वैश्विक सप्लाई चैन का मिश्रण।’’

  • अपनी टिप्पणी पोस्ट करे ।