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स्रोत: Diesel Technology Asianet 49679
श्रेणी: Energy and Power
दी इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च फॉर कैंसर की कार्रवाई पर डीजल टेक्नोलॉजी फॉरम का वक्तव्य
21/06/2012 9:36:47:710AM

पीआरन्यूजवायर पीडब्ल्यूआर एक पीआर नंबर- 49679 संपादक-यह विज्ञप्ति आपको एशियानेट के साथ सम्पन्न हुई व्यवस्था के तहत प्रेषित की जा रही है। पीटीआई पर इसका कोई संपादकीय उत्तरदायित्व नहीं है।
दी इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च फॉर कैंसर की कार्रवाई पर डीजल टेक्नोलॉजी फॉरम का वक्तव्य


वाशिंगटन, 13 जून, 2012-पीआरन्यूजवायर-एशियानेट- डीजल टेक्नोलॉजी फॉरम(http://www.dieselforum.org/ ) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एलेन शीफर ने डीजल से जुड़े कुप्रभावों से संबंधित विश्व स्वास्थ्य संगठन की इकाई इंटरनेशनल एजेंसी ऑन रिसर्च फॉर कैंसर-आईएआरसी की कार्रवाई के मामले में आज नीचे लिखा वक्तव्य जारी किया।


(Logo: http://photos.prnewswire.com/prnh/20120201/MM46474LOGO)


‘डीजल ईंधन और उसके उत्सर्जन पर जारी वैज्ञानिक विमर्श का हम स्वागत और समर्थन करते हैं। इस मामले में स्वतंत्र समीक्षक और मल्टी-स्टेकहोल्डर एडवांस्ड कॉलैबोरेटिव एमिजंस स्टडी-एसीईएस (http://pubs.healtheffects.org/getfile.php?u=709 )


 को हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट-एचईआई द्वारा दिए गए समर्थन से इस उद्योग की प्रतिबद्धता साफ हो जाती है।’


यूएस एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी, कैलिफॉर्निया एयर रिसोर्सेज बोर्ड, उद्योग और एचईआई द्वारा प्रायोजित इस ऐतिहासिक अध्ययन से डीजल के उपयोग से जुड़े कुछ जैविक कुप्रभाव सामने आए हैं।’ ‘वायु प्रदूषण स्वास्थ्य से जुड़ा एक बेहद अहम मामला है और डीजल उद्योग स्वच्छ वायु से जुड़ी इन चिंताओं को बेहद गंभीरता से लेता है। डीजल इंजन और उपकरण निर्माताओं, तेल शोधक कंपनियों और उत्सर्जन नियंत्रण निर्माताओं ने इससे जुड़े शोध में अरबों डॉलर का निवेश किया है। इसके तहत ऐसी तकनीकों का विकास किया जा रहा है, जिनसे उत्सर्जन में कमी लाकर दुनियाभर के सभी देशों में स्वच्छ वायु से जुड़े सख्त और विविध मानकों पर खरा हुआ जा सकता है।’


 ‘नयी तकनीक पर आधारित डीजल इंजनें जिनमें बेहद कम मात्रा में सल्फर डीजल ईंधन का उपयोग होता है, और जिनमें उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण व्यवस्था का उपयोग होता है, नाइट्रोजन ऑक्साइड्स, हाइड्रोकार्बन और पार्टिकुलेट तत्वों के उत्सर्जन के मामले में शून्य के करीब हैं। अमेरिका में ईपीए ने साफ किया है कि डीजल का वायु में सभी पार्टिकुलेट उत्सर्जन के मामले में छह प्रतिशत से भी कम का योगदान है।’


‘अमेरिका में हेवी-ड्यूटी डीजल ट्रकों और बसों में ओजोन स्तर के लिए खतरनाक नाइट्रोजन ऑक्साइड्स के उत्सर्जन में 99 प्रतिशत और पार्टिकुलेट उत्सर्जन के मामले में 98 प्रतिशत तक की कमी हो गई है।’ ‘इस प्रगति के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार बेहद कम मात्रा वाल्र सल्फर डीजल ईंधन का उपयोग है, जिससे सल्फर के उत्सर्जन में 97 प्रतिशत तक की कमी संभव हुई है और यह 500 पीए से घटकर 15 पीएम रहा गया है। यह सबकुछ उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण उपकरणों के जरिए संभव हुआ है।’


‘चूंकि 90 प्रतिशत से भी अधिक वैश्विक व्यापार डीजल इंजन के द्वारा संभव होता है, ऐसे में इन विकास से दुनियाभर में पर्यावरणीय और लोक स्वास्थ्य से संबंधित फायदे संभव हुए हैं।’ -24 मई, 2012 कैलिफॉर्निया एयर रिसोर्स बोर्ड(http://www.arb.ca.gov/board/ma/2012/ma052412.htm ) अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले 20 साल में मुख्य रूप से क्लीन डीजल तकनीक के क्षेत्र में हुई तरक्की के कारण ब्लैक कार्बन की मात्रा में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
-12 अप्रैल, 2012 हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट के अध्ययन में उत्सर्जन और नये डीजल के स्वास्थ्य संबंधी असर के बारे में जानकारियां दी गई हैं। इन्हें और इनसे जुड़े अन्य तथ्यों को हाल ही में सीएआरबी रिसर्च सेमिनार में पेश किया गया।


(http://www.dieselforum.org/index.cfm?objectid=7B60DF20-B47E-11E0-861B000C296BA1
63 )


. -मार्च, 2012 को ब्लैक कार्बन-बीसी पर कांग्रेस को सौंपी गई यूएस एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी की रिपोर्ट (http://www.epa.gov/blackcarbon/ )


 में कहा गया है कि अमेरिका 2030 तक बीसी उत्सर्जन के मामले में मानक स्तर को हासिल कर लेगा। ऐसा मुख्य रूप से नये मोबाइल डीजल इंजन के कारण संभव हो पाएगा।
-23 अप्रैल, 2012 नोर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी (http://news.ncsu.edu/releases/wms-frey-trucks/ ) नये मानकों पर खरे उतरते हुए डीजल ट्रकों से नाइट्रोजन ऑक्साइड में 98 प्रतिशत और पीएम उत्सर्जन में 94 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
सम्पर्क करें: स्टीव हैंसेन शानसेनएटडीजलफॉरमडॉटओआरजी 1-301-668-7230 1-202-355-3664 अतिरिक्त जानकारी के लिए इस यूआरएल पर क्लिक करें:-

(http://www.dieselforum.org/news/diesel-technology-forum-statement-on-action-by-
the-international-agency-on-research-for-cancer )

 स्रोत: डीजल टेक्नोलॉजी फॉरम 


 रंजन पीडब्ल्यूआर1 06131128 दि

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